पिता पर कविता– Poem on Father in Hindi – Papa Par Kavita in Hindi



               
पापा हमारी सतरंगी खुशियाँ हैं आप  हम बच्चों की जान हैं आप💓  जेठ की तपिश में फुहार हैं आप  पूस की ठिठुरन की पुवाल हैं आप💓

**** पापा मेरे पापा*****

 

पापा हमारी सतरंगी खुशियाँ हैं आप

हम बच्चों की जान हैं आप💓

जेठ की तपिश में फुहार हैं आप

पूस की ठिठुरन की पुवाल हैं आप💓

 

नारियल से कड़कदार हैं आप

भीतर उतने ही सुकोमल आप💓

घर की मजबूत धुरी हैं आप

हम बच्चों के अभिमान हैं आप💓

 

कठोर परिश्रम और पीड़ा से गुजरते आप

फिर भी हमारी मांगें पूरी करते आप💓

पापा जीवन की सौगात हैं आप

जीवन के अरमान हैं आप💓

 

चलते चलते थक गए होंगे आप

दो घड़ी बैठकर सुस्ता लें आप💓

खुद को खुद से मिलवा लें आप

दो घड़ी अपने लिए भी जी लें आप💓

 

पापा हमारी सतरंगी खुशियाँ हैं आप

हम बच्चों की जान हैं आप💓

 

डॉ.कुमुदिनी

Poem बिटिया रानी पर कविता

Poem सैनिक पर कविता

Poem फ्रेंडशिप पर कविता


Follow my Facebook Page  Hindi Kavita Sangrah

Moreover also Follow on Pinterest

               


Comments

Post a Comment

PLEASE DO NOT ADD ANY SPAM LINK IN THE COMMENT BOX