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___वीर सपूत____
हे वीर सपूत ,भारत के लाल
तुमको है बारम्बार प्रणाम
तुमने की पहरेदारी, दिन हो या रात
सुरक्षित देश,तेरी कठोर तपस्या का परिणाम
छोड़ मोह परिजन व घर द्वार
सदा उठाया तुमने कर्तव्य का भार
छोड़ चिंता भूख प्यास आराम
मथ रही देश की चिन्ता सुबह शाम
अदम्य साहस धैर्य ही तेरी पहचान
रक्तरंजित छाती में भी भरपूर किया प्रयास
माँ भारती की अनुगूँज में किया तुने प्रस्थान
हे वीर तुम्हीं से देश की आन बान शान
छोड़ गए जब मोह माया संसार
धात्री भार्या सुता हुए निढाल
क्षण भर में झटक दुख,हुआ उन्हें अभिमान
हम शहीद के परिजन,हम करेंगे गौरवगान
हे वीर बलिदानी समय चक्र के साथ
तुम हो जाओगे गुमनाम
तब परिजन झेलेंगे यन्त्रणा सुबह शाम
पर मातृभूमि सदा रहेगी कर्ज़दार
हे वीर सपूत भारत के लाल
तुमको बारम्बार प्रणाम ।।
- Dr. Kumudini
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